विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान एक केंद्रीय मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तंत्र को लेकर भारत के दीर्घकालिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण को साझा किया। भारत का AI मॉडल केवल तकनीक तक सीमित नहीं, बल्कि एप्लीकेशन से लेकर ऊर्जा तक एक पूर्ण इकोसिस्टम पर आधारित है।
भारत का AI तंत्र: 5 प्रमुख परतें (Layers)
एप्लीकेशन / उपयोग लेयर
निवेश पर सबसे अधिक प्रतिलाभ (ROI) देने वाली परत
लक्ष्य: लोक सेवाओं और उद्यमों में AI का बड़े पैमाने पर उपयोग
उदाहरण:
• किसान ई-मित्र – किसानों के लिए AI आधारित चैटबॉट
• भाषिणी – 35+ भारतीय भाषाओं में AI-आधारित अनुवाद प्लेटफॉर्म
मॉडल्स लेयर
विशाल जनरल मॉडल्स के बजाय लगभग 12 केंद्रित AI मॉडल्स
छोटे GPU क्लस्टर्स पर चलने योग्य, कम लागत में अधिक कवरेज
तथ्य:
• लगभग 95% AI कार्यभार छोटे मॉडल्स द्वारा संभाला जाता है
• अधिकांश कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए 50-बिलियन पैरामीटर मॉडल्स पर्याप्त
सेमीकंडक्टर / चिप लेयर
स्वदेशी कस्टम सिलिकॉन पर जोर
बाहरी निर्भरता घटाने की रणनीति
लक्ष्य:
• 2030 तक: 28 nm से 7 nm चिप निर्माण
• 2032 तक: 3 nm सेमीकंडक्टर क्षमता
• उपयोग क्षेत्र: EVs, ऑटोमोबाइल, रेलवे, डिजिटल अवसंरचना
AI अवसंरचना (डेटा सेंटर)
लगभग 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर का AI अवसंरचना निवेश
हाई-कंप्यूट डेटा सेंटर्स का तेज़ विस्तार
ऊर्जा लेयर (Energy Readiness)
AI और डेटा सेंटर्स के लिए सतत एवं हरित ऊर्जा एकीकरण
परमाणु ऊर्जा को रणनीतिक समर्थन
SHANTI अधिनियम 2025
(भारत के रूपांतरण के लिए नाभिकीय ऊर्जा का संधारणीय दोहन और अभिवर्धन)
निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोलना
पूरे AI स्टैक को स्थिर ऊर्जा आपूर्ति
निष्कर्ष
भारत का AI दृष्टिकोण केवल मॉडल-निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि
उपयोग,
स्वदेशी चिप्स,
मजबूत डेटा अवसंरचना,
और ऊर्जा सुरक्षा —
इन सभी को जोड़कर एक संपूर्ण AI राष्ट्र रणनीति प्रस्तुत करता है।
आपकी राय में भारत का यह 5-परतों वाला AI मॉडल वैश्विक AI नेतृत्व को कितनी मजबूती देगा?







