IIT रुड़की के शोधकर्ताओं ने विकसित की नई दवा 'Compound 3b' जो एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से लड़ने में सहायक
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के शोधकर्ताओं ने एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के खिलाफ एक नए और प्रभावी दवा उम्मीदवार, 'Compound 3b' का विकास किया है। यह नई दवा β-लैक्टामेज़ इनहिबिटर श्रेणी की है, जो बैक्टीरिया द्वारा एंटीबायोटिक दवाओं को नष्ट करने वाली β-लैक्टामेज़ एंजाइम की क्रिया को रोकती है। यह खोज वैश्विक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी उम्मीद जगाती है, क्योंकि यह खत्म होती जा रही उपचार क्षमता को पुनः स्थापित करने में सहायक होगी।
मुख्य तथ्य:
Compound 3b, एंटीबायोटिक मरोपेनम (Meropenem) के साथ मिलकर कार्य करता है और KPC-2 उत्पादक क्लेब्सिएला न्युमोनिया (Klebsiella pneumoniae) जैसी सुपरबग्स के इन्फेक्शन का इलाज करता है, जिन्हें WHO ने उच्च प्राथमिकता खतरे में रखा है।
β-लैक्टामेज़ इनहिबिटर होने के कारण, यह दवा एंटीबायोटिक दवाओं के विघटन को रोकती है और उनके प्रभाव को बनाए रखती है।
प्रीक्लिनिकल मॉडलों में Compound 3b ने मजबूत चिकित्सीय परिणाम दिखाए हैं और यह मानव कोशिकाओं के लिए सुरक्षित भी साबित हुई है।
यह खोज प्रोफेसर रंजना पठानिया के नेतृत्व में हुई, जिसमें नॉर्वे के UiT Tromsø विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का सहयोग भी शामिल रहा।
एंटीमाइक्रोब्रियल रेजिस्टेंस (AMR) की चुनौती:
AMR तब होती है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमणों का इलाज मुश्किल हो जाता है और रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
विश्व बैंक के अनुसार, 2050 तक AMR की वजह से वैश्विक हेल्थकेयर लागत में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हो सकती है।
AMR के बढ़ते खतरे के पीछे औद्योगिक अपशिष्ट, अप्रयुक्त कूड़ा-करकट, और जल प्रदूषण जैसे कारक प्रमुख हैं।
भारत और वैश्विक पहलें:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2015 में ग्लोबल एक्शन प्लान (GAP) अपनाया है, जिसमें AMR को रोकने हेतु 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण पर जोर दिया जाता है, जो मानव, पशु, पौधे और पर्यावरण के बीच संबंधों को समझते हुए समाधान तलाशता है।
भारत के IIT रुड़की में यह शोध AMR से लड़ने के लिए तकनीकी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है।
UPSC मेन्स परीक्षा के लिए संभावित प्रश्न:
"एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की समस्याएं और भारत में इसे नियंत्रित करने के उपायों का विश्लेषण करें।"
"IIT रुड़की द्वारा विकसित Compound 3b और इसकी AMR के खिलाफ भूमिका पर चर्चा करें।"
"AMR और वन हेल्थ दृष्टिकोण के बीच संबंध को समझाते हुए भारत की नीति सुझाएं।"
IIT Roorkee’s Compound 3b: A New Hope Against Antibiotic Resistance – UPSC Guide
Fighting Superbugs: How Compound 3b Enhances Meropenem’s Power – Best UPSC Coaching in Lucknow
Antimicrobial Resistance and Novel Drug Solutions: Insights for UPSC Preparation
Combating AMR: IIT Roorkee’s Breakthrough and Global Health Impact
Understanding Antibiotic Resistance and New Drug Candidates: Brainfra IAS UPSC Notes
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Brainfra IAS, लखनऊ में UPSC अभ्यर्थियों को समसामयिक विज्ञान और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर गहन ज्ञान प्रदान किया जाता है, जो उन्हें परीक्षा और साक्षात्कार में सशक्त बनाता है। इस विषय पर अच्छी पकड़ आपको GS Paper III और निबंध लेखन में लाभदायक साबित होगी।







