एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: कृषि नवाचार व UPSC तैयारी को नयी दिशा
06:22 AMAugust 11, 2025

एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: कृषि नवाचार व UPSC तैयारी को नयी दिशा

एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन: कृषि नवाचार व UPSC तैयारी को नयी दिशा

Brainfra IAS – लखनऊ की सर्वश्रेष्ठ यूपीएससी कोचिंग – आपके समर्पण को सही मार्गदर्शन में बदलता है। समसामयिक विषयों जैसे ‘एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ और ‘सदाबहार क्रांति’ पर विस्तृत व विश्लेषणात्मक अध्ययन, सफलता की कुंजी है। यहां जानिए इस ऐतिहासिक सम्मेलन, एम.एस. स्वामीनाथन के योगदान और इन विषयों के यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्व के बारे में।

एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

प्रधानमंत्री द्वारा 2025 में आयोजित यह सम्मेलन प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन के 100वें जन्मोत्सव पर मनाया गया। इसकी थीम रही—“सदाबहार क्रांति, जैव-खुशहाली का मार्ग”—जिसमें खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि और जैव विविधता के प्रति प्रोफेसर स्वामीनाथन के समर्पण को दर्शाया गया।

प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन: हरित क्रांति के जनक

  • जन्म: 1925 | निधन: 2023

  • रेमन मैगसेसे पुरस्कार (1971), विश्व खाद्य पुरस्कार (1987), UNEP सासाकावा पर्यावरण पुरस्कार (1994), यूनेस्को गांधी स्वर्ण पदक (1999) और मरणोपरांत भारत रत्न (2024) सहित कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मान।

  • योजना आयोग (1980-82) के सदस्य और संयुक्त राष्ट्र के विज्ञान-प्रौद्योगिकी आयोग के अध्यक्ष।

  • इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टिट्यूट (IRRI, फिलीपींस) के पूर्व महानिदेशक और MSSRF (एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन) के संस्थापक।

स्वामीनाथन के प्रमुख योगदान

  • हरित क्रांति के जनक (1960 के दशक): उच्च-उपज वाली किस्मों का विकास और पौधों की नई नस्लों के लिए भारत में ब्रीडिंग कार्यक्रम की शुरुआत।

  • फसल कैफेटेरिया: अलग-अलग फसलें एक साथ उगाकर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना।

  • फसल वितरण कृषि-विज्ञान: मध्य-मौसम समायोजन द्वारा उपज व गुणवत्ता बढ़ाने का दृष्टिकोण।

  • राष्ट्रीय किसान आयोग की अध्यक्षता: ‘स्वामीनाथन रिपोर्ट’ में भारतीय कृषि तंत्र की उत्पादकता, लाभप्रदता व संधारणीयता के लिए ऐतिहासिक सिफारिशें।

  • सदाबहार क्रांति की अवधारणा: उत्पादकता वृद्धि के साथ पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखना, जैविक व हरित कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन, पोषक तत्व आपूर्ति व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर बल देना।

  • ग्राम ज्ञान केंद्र एवं जैव-ग्राम: तकनीकी ज्ञान और सतत ग्रामीण आजीविका पर जोर।

यूपीएससी की दृष्टि से महत्त्व

ब्रेनफ्रा IAS में इन समसामयिक मुद्दों का गहन विश्लेषण, उत्तरलेखन अभ्यास और केस स्टडीज़ के माध्यम से पूरा कवरेज कराया जाता है―

  • समसामयिक मुद्दे: कृषि एवं पर्यावरण को लेकर जारी सरकारी नीतियाँ, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन जैसे मुख्य विषयों के नोट्स।

  • उत्तर लेखन में सटीक उदाहरण: स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें, सदाबहार क्रांति की अवधारणा, हरित क्रांति की सीख।

  • इंटरव्यू तैयारी: रिसर्च-आधारित तथ्यों से आत्मविश्वास के साथ तर्क देने की क्षमता।

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